RO, UV और UF Water Purifier में कौन सा है बेहतर? यह कैसे काम करते हैं?

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दोस्तों हमारे शरीर का 70% भाग पानी है और हमारे लिए साफ, स्वच्छ पानी बहुत जरूरी है। पिछले कुछ दशकों में पानी को साफ और स्वच्छ करने के लिए कई तकनीक विकसित की गई हैं। यह तकनीक घरेलू उपयोग और वाटर ट्रीटमेंट प्लांट दोनों में ही उपयोग की जाती हैं।

आज मैं आपको बताऊंगा कि वर्तमान समय में उपयोग की जाने वाली RO, UV और UF वाटर प्यूरिफिकेशन टेक्नोलॉजी क्या होती हैं? और RO, UV और UF Water Purifier में कौन सा है बेहतर? यह कैसे काम करते हैं? (How water purifier works) इन के फायदे और नुकसान क्या है?

 

Water Purification (वाटर प्यूरीफिकेशन) क्यों जरूरी है?

आज हम जो भी पानी का उपयोग कर रहे हैं चाहे वह भू-जल हो या फिर सतही जल दोनों ही प्रदूषित हो चुके हैं। यह जल प्रदूषण उद्योगों द्वारा विषैले कचरे को नदी और तालाबों तथा अन्य पानी के स्रोत में छोड़ने से हुआ है।

भारत में इस प्रदूषित जल को Water treatment plant से घरों तक भेजने से पहले इसे स्वच्छ और साफ करने के लिए नगर पालिका और नगर परिषद द्वारा Chlorination (पानी में क्लोरीन मिलाना) किया जाता है।

हालांकि सिर्फ क्लोरीन मिलाने से ही पानी पूरी तरह से साफ और स्वच्छ नहीं होता है, ना ही यह पीने योग्य रहता है। हम RO, UV और UF वाटर प्यूरीफायर का उपयोग करके इस पानी को साफ स्वच्छ और पीने योग्य बना सकते हैं। इनका आज के समय में सबसे अधिक उपयोग होता है।

चलिए अब बात करते हैं कि यह Water Purification Technology  क्या होती हैं?

यहाँ देखें :- Top Rated Best Multi stage Water Purifier for in India

 

RO (Reverse Osmosis) Technology क्या है?

हम सभी ने RO Water Purifier के बारे में सुना है। यह घरों में सबसे ज्यादा प्रचलित और उपयोग होने वाला वाटर प्यूरीफायर सिस्टम है। लेकिन रिवर्स ऑस्मोसिस (Reverse Osmosis) की प्रक्रिया का क्या सिद्धांत है? यह मैं आपको बताने वाला हूं।

Osmosis या परासरण एक प्राकृतिक प्रक्रिया है। पानी का एक स्वाभाविक गुण होता है कि जब दो तरल पदार्थों को एक सेमी परमेबल मेम्ब्रेन (Semipermiable Membrane) मे से पृथक किया जाता है, तो पानी Lower Concentration से Higher Concentration की तरफ जाता है। पेड़ों की जड़ों द्वारा पानी का अवशोषण इसी प्रक्रिया को दर्शाती है।

RO की प्रक्रिया में में हम पानी के इसी गुण को Reverse या उल्टा करते हैं। इसके लिए बिजली का उपयोग किया जाता है जो कि एक बाहरी बल का काम करती है। इसे ही हम रिवर्स ऑस्मोसिस (Reverse Osmosis) कहते हैं। मतलब कि Reverse Osmosis में पानी Higher Concentration से Higher Concentration की तरफ जाता है। इसके लिए निरंतर बिजली का उपयोग किया जाता है जिससे रिवर्स ऑस्मोसिस की प्रक्रिया चलती रहे। समुद्र के पानी से नमक को अलग करना रिवर्स ऑस्मोसिस प्रक्रिया का एक उदाहरण है।

घरों में सप्लाई किए जाने वाले पानी में दृश्य और घुलनशील अशुद्धियां होती है। RO वाटर प्यूरीफायर से 95% से अधिक घुलनशील अशुद्धियां निकल जाती हैं, और पानी साफ और स्वच्छ हो जाता है।

 

RO कैसे काम करता है?

Reverse Osmosis वाटर प्यूरीफायर क्रॉस फिल्ट्रेशन (Cross Filtration) के सिद्धांत पर काम करते हैं जिसमें पानी निकलने की 2 आउटलेट होते हैं। एक साफ पानी के लिए और एक अशुद्ध पानी को बाहर निकालने के लिए। इस अशुद्ध पानी को Reject Water भी कहते हैं। RO Purifier में जब पानी Semipermiable Membrane से निकलता है तो यह मेंब्रेन उसमें से 99% TDS (Total Dissolved Solids) एवं घुलनशील अशुद्धियां को निकाल देती है। इस फिल्टर का उपयोग घरों और कंपनियों में किया जाता है।

RO Water Purifier के फायदे और नुकसान:

फायदे:

1. RO वाटर प्यूरीफायर से फ्लोराइड, नाइट्रेट और अन्य घुलनशील लवण जैसी बहुत सारी अशुद्धियां दूर हो जाती हैं।
2. इस फिल्टर का उपयोग Hard Water को साफ करने में विशेष तौर पर किया जाता है।
3. यह Heavy Metal अशुद्धियां जैसे Arsenic और Lead को भी दूर कर देता है।

नुकसान:

1. इस प्रक्रिया में बहुत अधिक पानी की बर्बादी होती है। यह जितना पानी साफ करता है उसका 3 गुना पानी Reject Water के रूप में बाहर निकाल देता है।
2. इसमें निरंतर बिजली की आवश्यकता होती है।
3. यह Germs, कार्बन डाइऑक्साइड और बैक्टीरिया को खत्म नहीं करता है।
4. इसका रखरखाव काफी महंगा होता है।

यहाँ देखें :- Best RO Water Purifier for Home and Office

 

UV (Ultraviolet Radiation) Water Purification Technology क्या है?

RO water Purification पानी को साफ करने की एक बहुत अच्छी टेक्नोलॉजी है। फिर भी बहुत सारे ऐसे Germs और बैक्टीरिया हैं जो इससे दूर नहीं होते है। इसके लिए Ultraviolet Radiation Technology का उपयोग RO Purifier के साथ ही किया जाता है। UV वॉटर प्यूरीफायर में Ultraviolet Radiation से पानी में मौजूद बैक्टीरिया, वायरस और हानिकारक Micro Organism दूर हो जाते हैं जिनसे कॉलरा, टाइफाइड और अतिसार जैसी बीमारी होने का खतरा रहता है।

UV वॉटर प्यूरीफायर में किसी प्रकार के केमिकल्स का उपयोग नहीं किया जाता है इसलिए इसमें पानी का प्राकृतिक स्वाद बरकरार रहता है। UV Water Filter अलग से उपयोग नहीं होते हैं बल्कि यह RO या UF फिलटर के साथ आते हैं। जैसे- RO+UV, RO+UF और RO+UV+UF Water Filter.

UV Water Purifier के फायदे और नुकसान:

फायदे:

1. UV वॉटर प्यूरीफायर में बिल्कुल भी पानी बर्बाद नहीं होता है।
2. इससे पानी में मौजूद Bacteria, Germs और Virus नष्ट हो जाते हैं और पानी साफ स्वच्छ हो जाता है।
3. इसे RO वाटर प्यूरीफायर या UF वॉटर प्यूरीफायर की साथ ही उपयोग किया जाता है।
4. इसमें किसी भी प्रकार के केमिकल का उपयोग नहीं होता है, जिससे पानी का प्राकृतिक स्वाद बरकरार रहता है।
5. इसके रखरखाव का खर्च भी बहुत कम होता है

नुकसान:

1. UV वॉटर प्यूरीफायर का सबसे बड़ा नुकसान यह है कि यह TDS (Total Dissolved Solids) Impurity जैसे- घुलनशील लवण, और धात्विक अशुद्धि जैसे- Arsenic, Nitrate Flouride और Lead को दूर नहीं करता है।

यहाँ देखें :- Best UV  Water Purifier for Home and Office

 

UF (Ultra Filtration) water purification Technology क्या है?

RO Water Purifier की तुलना में UF Water Purifier में ज्यादा बड़े छिद्र वाली Membrane होती है। UF फिल्टर से वायरस, बैक्टीरिया और दूसरे Micro Organism खत्म हो जाते हैं। इसमें हाइड्रोस्टेटिक प्रेशर (Hydrostatic Pressure) की सहायता से पानी को Semipermiable Hollow Membrane से निकाला जाता है। सबसे खास बात इसमें बिजली का उपयोग नहीं होता है। यह Gravity Based Water Purifier होते हैं।

UF फिल्टर से TDS अशुद्धियां तथा Arsenic और Lead जैसी अशुद्धियां दूर नहीं होती है। UV water filter मैं बैक्टीरिया और Germs अल्ट्रावॉयलेट रेडिएशन से नष्ट हो जाते हैं जबकि UF वाटर फिल्टर में वे मरते नहीं है बल्कि मेंब्रेन के दूसरी तरफ नहीं जा पाते हैं।

UF Water Purifier के फायदे और नुकसान:

फायदे:

1. इसमें बिजली की आवश्यकता नहीं होती है। यह एक Gravity पर आधारित वाटर प्यूरीफायर है।
2. यह हर प्रकार के बैक्टीरिया वायरस और Germs को पानी से हटा देता है।
3. इसको आसानी से साफ किया जा सकता है जिससे इनका रखरखाव आसान है।
4. यह फिल्टर लंबे समय तक चलने वाली फिल्टर होती है।

नुकसान:

1. UF फिलटर का सबसे बड़ा नुकसान भी यही है कि इसमें TDS अशुद्धियां और Arsenic, Lead फ्लोराइड जैसी अशुद्धियां दूर नहीं होती हैं।
2. यह फिल्टर वहीं अच्छी तरह से काम करता है जहां पर पानी में TDS का स्तर बहुत कम है।

 

Multi-Stage Water Purifier क्या हैं?

हमने अलग-अलग तरह की टेक्नोलॉजी वाले वॉटर प्यूरीफायर देखे हैं। हर वाटर प्यूरीफायर के कुछ कमियाँ और कुछ खूबियाँ हैं। इसीलिए जरूरत है ऐसे वाटर प्यूरीफायर की जिसमें RO, UV और UF तीनों ही तरह की खूबियां हो। पानी में मौजूद सारी अशुद्धि Germs, बैक्टीरिया, वायरस, माइक्रो ऑर्गेनाइज्म, TDS impurity, पानी में मौजूद धातु Arsenic, Lead, फ्लोराइड, घुलनशील लवण पूर्ण तरह से हट जाएं।

आज के आधुनिक समय के मल्टीस्टेज वाटर प्यूरीफायर (Multi-Stage Water Purifier) अलग-अलग टेक्नोलॉजी की कॉम्बिनेशन के साथ आते हैं।

1. RO+UV Water Filter-

यह कॉन्बिनेशन हमें RO+UV दोनों ही वाटर प्यूरीफायर टेक्नोलॉजी की खूबियां देता है। इसका मतलब है कि यह हमें बैक्टीरिया Germs, वायरस, घुलनशील लवण, Arsenic or Lead जैसी धातु को दूर करके साफ और शुद्ध पानी देता है।

2. RO+UV+UF Water Purifier + MAT Technology-

यह ऐसे वॉटर प्यूरीफायर जिसमें RO+UV+UF तीनों टेक्नोलॉजी की खूबियां होती हैं। इसके अलावा MAT (Minirals Added Technology) का भी उपयोग भी किया जाता है। यह साधारण पानी की सभी अशुद्धियों को दूर करके हमें बेस्ट क्वालिटी का साफ और शुद्ध पानी देते हैं। इसमें हमें तीनों ही टेक्नोलॉजी का फायदा मिलता है। ऐसे वाटर प्यूरीफायर वहां उपयोग किए जाते हैं जहां पर पानी का TDS लेवल ज्यादा होता है।

UV + UF Water Purifier भी बाजार में उपलब्ध हैं पर अधिकतर वाटर पूरिफिएर तीनो टेक्नोलॉजी के हैं।

3. Pre and Post Activated Water Purifier-

इस प्रकार के फिल्टर हानिकारक रसायन और विषैले पदार्थ को भी सोख लेता है। इसके अलावा MAT (Minirals Added Technology) का भी उपयोग भी किया जाता है। इस तरह के फिल्टर पानी का प्राकृतिक स्वाद बरकरार रखते हैं।

बाजार में उपलब्ध नए प्रकार के वॉटर प्यूरीफायर में Pre activated Carbon Filter, Sediment Filter, RO Membrane Filter, UV और UF Filter भी रहते हैं। इसके साथ ही Post activated Carbon Filter और MAT Technology भी रहती है, जिससे हमें पानी की सबसे शुद्ध क्वालिटी मिलती है।

फायदे:

1. यह कठोर पानी को शुद्ध करने में ज्यादा उपयोगी है।
2. पानी में कुछ मिनरल्स को मिलाकर उस का प्राकृतिक स्वाद बरकरार रखता है।
3. पानी से हर प्रकार की अशुद्धि को दूर करता है

नुकसान:

1. इसमें निरंतर बिजली की आवश्यकता होती है
2. इसका रखरखाव काफी महंगा है क्योंकि इसमें कई प्रकार के Water Purifier System जुड़े रहते हैं।

यहाँ देखें :- Best RO +UV +UF  Water Purifier for Home and Office

 

कुछ अन्य Water Filtration Technology

1. Candle Filter या Sediment Filter

Candle filter या sediment filter मैं कैंडल का उपयोग किया जाता है। इस प्रकार के फिल्टर में पानी में दिखने वाली सभी अशुद्धियां दूर हो जाती है। या फिर यूं कहें कि वह सभी अशुद्धियां दूर हो जाती हैं जिनका आकार कैंडल फिल्टर के छोटे-छोटे छिद्रों से बड़ा होता है। इस प्रकार के फिल्टर से TDS अशुद्धियां नहीं निकलती हैं। इस प्रकार के फिल्टर का उपयोग अधिकतर घरों में होता है। इसमें बिजली की आवश्यकता नहीं होती है। इसके साथ ही इस फिल्टर में लगी कैंडल्स को समय-समय पर बदलना पड़ता है।

2 . Gravity Based water Purifier:

यह ऐसे वाटर प्यूरीफायर होते हैं जिनमें पानी दबाव की वजह से ऊपरी खंड से निचले खंड में जाता है। इसमें कुछ सामान्य फिल्टर जैसे Germs Filter या माइक्रोफाइबर फिल्टर (Microfiber Filter) का उपयोग किया जाता है। जिससे धूल मिट्टी के कण, घुलनशील लवण निकल जाते हैं और पानी साफ और स्वच्छ हो जाता है।

फायदे:

1. इस तरह की फिल्टर में बिजली का उपयोग नहीं होता है।
2. इनमें अधिक पानी को स्टोर किया जा सकता है।
3. यह सस्ते होते हैं और आसानी से एक जगह से दूसरे जगह ले जाए जा सकते हैं।

नुकसान:

1. यह पानी में घुलनशील TDS अशुद्धियों को दूर नहीं करते हैं।
2. इसके अलावा भारी धातु जैसे Arsenic, Lead और कुछ अन्य फ्लोराइड वगैरह को भी यह फिल्टर नहीं करते हैं।

दोस्तों हम अपनी जरूरत के हिसाब से कोई भी वॉटर प्यूरीफायर का उपयोग कर सकते हैं। आज के इस बदलते समय में हर दिन नई टेक्नोलॉजी आ रही हैं। निकट भविष्य में किसी नई टेक्नोलॉजी का उपयोग किया जाएगा जिससे हमें साफ और स्वच्छ पानी मिल सके।
पानी इतना ज्यादा प्रदूषित हो चुका है कि हर किसी को एक अच्छे वाटर प्यूरीफायर की जरूरत है। जिससे हमें साफ और स्वच्छ पीने का पानी मिल सके।

 

अब आप जान चुके हैं कि RO, UV और UF Water Purifier में कौन सा है बेहतर? यह कैसे काम करते हैं?  इनके फायदे और नुकसान क्या हैं?

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