Pulse Oximeter और Smartwatch में क्या अंतर है? Oxygen Level के लिए कौन ज्यादा बेहतर है?

smart watch and pulse oximeter
हमारे देश में कोरोना की दूसरी लहर में तबाही मचा कर रख दी है। महामारी के इस दौर में भारत की स्वास्थ्य व्यवस्था में भी ढीली पड़ गई है। अस्पतालों में बिस्तर की कमी, दवाइयों की कमी, ऑक्सीजन सिलेंडर की कमी ने न जाने कितने लोगों की जान ले ली है। ऐसे में शरीर का ऑक्सीजन लेवल (Oxygen Level) चेक करने के लिए Pulse Oximeter और Smart watch या Fitness Band की डिमांड भारत ही नहीं पूरे विश्व में तेजी से बढ़ी है। आज मैं आपको बताऊंगा कि Pulse Oximeter और Smartwatch में क्या अंतर है? इनमें से कौन ज्यादा बेहतर है?

 

Pulse Oximeter और Smartwatch में क्या अंतर है?

COVID-19 के दौरान बाजार में उपलब्ध महंगी स्मार्ट वॉच जैसे- Apple, Samsung, Amazfit, Fitbit, Oneplus आदि को लोगों के द्वारा Spo2 (Blood Oxygen Level) Monitor करने के लिए खरीदा जा रहा है। ये सब ₹10,000 से ₹40,000 की आती है।
वहीं इनसे कम कीमत वाले Pulse Oximeter ज्यादा सटीक और बेहतर परिणाम देते हैं। इनकी कीमत ₹1000 से ₹4000 तक होती है। इसका मुख्य कारण इनकी टेक्नोलॉजी में अंतर ही है।

 

 

क्या Smartwatch को SpO2 के लिये खरीदना चाहिए ? (Is Smart Watch oximeter accurate?)

लोगों का रुझान Pulse Oximeter और Fitness Band या Smart watch की तरफ तेजी से हुआ है। दोनों ही डिवाइस SpO2 को मॉनिटर करते हैं।

Smartwatch हमें SpO2 के अलावा भी दूसरी स्वास्थ्य से संबंधित जानकारी मिलती है। जैसे- Sports mode, Sleep tracking, Heart rate monitor, Blood pressure आदि। इसके अलावा भी स्मार्ट वॉच में बहुत सारे फीचर होते हैं।बाज़ार में उपलब्ध कुछ कंपनी की Smartwatch की कीमत, अच्छी quality के pulse oximeter की कीमत के बराबर ही है, पर pulse oximeter पर्याप्त stock में उपलब्ध न होने के कारण लोग Smartwatch लेना पसंद कर रहे हैं।लेकिन इनकी टेक्नोलॉजी में अंतर होने के कारण यह जानना बहुत जरूरी है कि अगर आप इसे सिर्फ Oxygen Level चेक करने के लिए खरीदना चाहते हैं तो कौन बेहतर और सटीक जानकारी देता है।

 

Pulse Oximeter और Smartwatch में कौन सी Technology उपयोग होती है?

पल्स ऑक्सीमेटर और स्मार्ट वॉच या फिटनेस बैंड द्वारा दी जाने वाली ब्लड ऑक्सीजन (Blood Oxygen) या SpO2 की जानकारी की accuracy को कई तथ्यों और वैज्ञानिक कारणों के माध्यम से समझा जा सकता है।

Blood oxygen को मापने के लिए Smartwatch और pulse oximeter की क्रमशः दो टेक्नोलॉजी होती हैं, Reflectance Pulse Oximetry (RPO) और Transmittance Pulse Oximetry (TPO).

Pulse Oximeter क्या है? यह कैसे काम करता है? और इसके उपयोग करते समय रखी जाने वाली सावधानी के बारे में आप लिंक पर क्लिक करके पढ़ सकते हैं।

 

Transmittance Pulse Oximetry ( TPO ) और Reflectance Pulse Oximetry ( RPO ) क्या होती हैं?

Pulse oximeter के द्वारा Spo2 मापने के लिए TPO (Transmittance Pulse Oximetry) को सबसे बेहतर मानक माना जाता है। इस Technology में Pulse Oximeter के एक तरफ 2 LED लगी होती हैं। एक 650 नैनोमीटर वेवलेंथ (650 nm Wavelength ) की होती है जो कि लाल रोशनी (Red Light) को उत्सर्जित करती है, और दूसरी 950 नैनोमीटर वेवलेंथ (950 nm Wavelength ) की होती है। जो इंफ्रारेड लाइट ( Infrared Light ) को उत्सर्जित करती है। इसकी दूसरी तरफ एक Photodetector Diode लगा होता है। जब दोनों एलईडी से निकलने वाली अलग-अलग वेवलेंथ (Wavelength) की लाइट हमारी उंगली की त्वचा, कोशिका, धमनी, हड्डियों और नसों से गुजरती है तो Infrared light को Oxygenated Blood Cells के द्वारा अवशोषित कर लिया जाता है और Red Light को Non Oxygenated Blood Cells के द्वारा अवशोषित कर लिया जाता है। इसके बाद जो प्रकाश अवशोषित नहीं होता उसके अंतर को फोटोडिटेक्टर (Photodetector) द्वारा Calculate करके Spo2 % के रूप में दिखाया जाता है।
Transmittance and reflectance pulse oximetry in hindi

Image Source: madgadget.com

 

Smartwatch और Fitness Band में RPO टेक्नोलॉजी का उपयोग किया जाता है। इस Technology में LED Transmitter Sensor और Photodiode Receptor Sensor दोनों एक ही तरफ होते हैं। इनमें रक्त से परावर्तित होकर जो लाइट वापस आती है उसकी सहायता से Spo2 को मापा जाता है। इस की गणना के आधार पर हमें Smartwatch या Fitness band की स्क्रीन पर ब्लड ऑक्सीजन लेवल (Blood Oxygen Level) या Spo2 % के रूप में दिखता है। इससे हमें सही और सटीक जानकारी नहीं मिल पाती है। इसी टेक्नोलॉजी के द्वारा ही स्मार्ट वॉच और फिटनेस बैंड में दूसरे हेल्थ पैरामीटर (Health parameter) जैसे- ब्लड प्रेशर, हार्ट रेट, ( Blood Pressure, Heart Rate ) आदि को मापा जाता है।

 

 

Pulse Oximeter और Smartwatch में से कौन ज्यादा बेहतर है?

यहां हम देख चुके हैं कि पल्स ऑक्सीमीटर मैं जिस टेक्नोलॉजी का उपयोग किया जाता है वह हमें Blood Oxygen Level या Spo2 के बेहतर और सटीक परिणाम देती है जोकि स्मार्ट वॉच और फिटनेस बैंड में उपयोग होने वाली टेक्नोलॉजी से अच्छी है। इसीलिये SpO2 और Heart Rate की जानकारी के लिए Dr.Trust, Beurer, Microtek, Dr. Care आदि जैसे अच्छे ब्रांड का Pulse Oximeter ज्यादा बेहतर विकल्प है।

 

क्या Smartwatch या Fitness Band गलत जानकारी देते हैं?

भले ही पल्स ऑक्सीमीटर में उपयोग होने वाली TPO टेक्नोलॉजी से ज्यादा सटीक जानकारी मिलती है पर फिर भी अच्छी और महंगी Smartwatch or Fitness band में बेहतरीन टेक्नोलॉजी का उपयोग किया जाता है। इसमें High quality के उपकरणों और सेंसर का उपयोग किया जाता है इसलिए यह भी हमें लगभग अच्छे पल्स ऑक्सीमीटर के बराबर ही Spo2 की जानकारी देते हैं।

High Quality और Branded Smart watch के द्वारा दी जाने वाली SpO2 या Heart Rate की जानकारी भी सस्ते और Low Quality के Pulse Oximeter की तुलना में बेहतर और स्पष्ट होती है।अब अगर हम घटिया चाइना माल की तुलना Branded और Quality वाले सामान के साथ करेंगे तो क्या नतीजे मिलेंगे, ये तो हम सभी जानते हैं।

 

Best Smartwatch for SpO2 (Blood Oxygen Level) 

सारांश

Pulse Oximeter और Smart Watch या Fitness Band में TPO और RPO टेक्नोलॉजी का मुख्य अंतर तो है ही इसके अलावा इन में उपयोग होने वाले अच्छी क्वालिटी के सेंसर और उपकरण, तथा अच्छी ब्रांड के प्रोडक्ट का भी फर्क होता है। इसीलिए आपके बजट और जरूरत के हिसाब से यह निर्णय लें कि Smart watch या Fitness Band और Pulse Oximeter में से क्या खरीदना सही रहेगा।

इस ब्लॉग में आपने जाना कि Smartwatch और pulse oximeter में से SpO2 के लिए कौन बेहतर है।

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