जानिए 2021 में Online Education में Technology के फायदे और नुकसान |

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effects of technology in education in 2021
शिक्षा के क्षेत्र में टेक्नोलॉजी का उपयोग एक बहुत बड़ा बदलाव है, जो हमने अभी तक देखा है, और जो हम आगे देखेंगे। बहुत सालों से शिक्षक, छात्र, पॉलिसी बनाने वाले और अभिभावक शिक्षा के क्षेत्र में टेक्नोलॉजी के उपयोग के फायदे, चुनौतियों और संभावनाओं के बारे में बात कर रहे हैं। मार्च 2020 के पहले लोगों का कहना था कि टेक्नोलॉजी शिक्षा के क्षेत्र में काफी सहायक होगी। कुछ लोगों का कहना है कि शिक्षा के क्षेत्र में टेक्नोलॉजी के आने से छात्रों के बीच लापरवाही बढ़ जाएगी। वर्तमान समय में शिक्षा के क्षेत्र में टेक्नोलॉजी बहुत जरूरी हो गई हैं।
आज मैं आपको शिक्षा के क्षेत्र में आने वाली नई तकनीक के फायदे और नुकसान के बारे में बताने वाला हूं।

Index

क्लास रूम में टेक्नोलॉजी का उपयोग करने का क्या मतलब है?

आज के समय में स्टूडेंट्स टेक्नोलॉजी से भलीभांति परिचित हैं। उसके साथ-साथ ही बड़े हो रहे हैं और यह 21वीं शताब्दी की एक बहुत ही जरूरी चीज है। यह उनकी पढ़ाई में और काम में बहुत मदद करेगी पर कक्षा में कंप्यूटर टेक्नोलॉजी का उपयोग करना किसी डिजिटल उपकरण का उपयोग करना नहीं है जबकि इसका मतलब है कोई भी ऐसी चीज जो छात्रों और शिक्षक के बीच बातचीत और समझ के तरीके को बेहतर बना सकते है।
डिजिटल शिक्षा छात्रों को डिजिटल वातावरण में ऑनलाइन जोड़कर उनको सीखने के नए अवसर प्रदान करती है। शिक्षक, आधुनिक पाठ्यक्रम, व्यक्तिगत निर्देश और सीखने की आकर्षक रणनीतियों से शिक्षा की पुरानी पद्धति को बदलने का प्रयास करते हैं। इस ब्लॉग में मैं आपको ऑनलाइन कक्षाओं में टेक्नोलॉजी के उपयोग के फायदे और नुकसान के बारे में बताऊंगा।

शिक्षा में टेक्नोलॉजी के फायदे:-

1. कक्षा में टेक्नोलॉजी के उपयोग से आप शिक्षा के क्षेत्र में अधिक प्रयोग कर सकते हैं।

टेक्नोलॉजी की सहायता से हम और अधिक सक्रिय तरीके से चीजों को देखते हैं। ऑनलाइन पढ़ाई के दौरान प्रश्न पूछ कर तुरंत परिणाम प्राप्त कर सकते हैं और छात्रों की भागीदारी को बढ़ा सकते हैं और तुरंत फीडबैक प्राप्त कर सकते हैं। टेक्नोलॉजी की अच्छी तरह से जानकारी होने से छात्रों और यहां तक ​​की साथी सहयोगियों के साथ विश्वसनीयता बनाने में भी मदद मिल सकती है। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सॉफ्टवेयर, डिजिटल किताबें, live poll आदि अपने छात्रों से जुड़ने के सही तरीके हैं।

2. टेक्नोलॉजी के क्लास रूम में उपयोग से पूर्ण भागीदारी में मदद मिलती है।

टेक्नोलॉजी के माध्यम से ऑनलाइन कक्षाओं के दौरान वे छात्र भी हिस्सा लेते हैं जो शर्मीली प्रवृत्ति के होते हैं और साधारणतया कक्षा में कुछ पूछने से भी घबराते हैं। ऑनलाइन कक्षाओं में हम छात्रों के होमवर्क आदि की जांच तुरंत कर सकते हैं और उस पर उनका फीडबैक ले सकते हैं। किसी चीज को समझने में या करने में छात्रों को कहां परेशानी जा रही है इस बारे में उनकी परेशानी को दूर किया जा सकता है। Student Response System और Quiz की सहायता से से छात्रों को यह पता चलता है कि वह किसी टॉपिक को कितनी अच्छी तरीके से समझ पा रहे हैं।

3. शिक्षा को और अधिक प्रभावी और मजेदार बनाने के लिए अनगिनत संसाधन मौजूद हैं।

Application, E-Textbook, डिजिटल बोर्ड, Infographics जैसे बहुत से ऐसी तकनीक मौजूद हैं जो शिक्षा के क्षेत्र में बहुत मददगार हैं। आजकल गेमीफिकेशन (Gamification)का भी उपयोग किया जा रहा है जिसमें खेलों के माध्यम से बच्चों को पढ़ाया और समझाया जाता है। इससे कक्षाओं में शिक्षा को और अधिक मजेदार और सक्रिय बनाया जा सकता है।

4. टेक्नोलॉजी आपके बहुत सारे कठिन कार्यों को आसान और ऑटोमेटिक कर सकती हैं।

टेक्नोलॉजी की सहायता से छोटे-छोटे काम जिन पर अधिक समय खर्च होता है बहुत ही जल्द हो जाते हैं। ऑटोमेशन से थकान वाले और बड़े काम कम समय में आसानी से हो जाते हैं। छात्रों की उपस्थिति, क्विज में उनका परफॉर्मेंस, छात्रों के ग्रेड और छात्रों के बहुत सारे प्रश्नों का जवाब ऑटोमेशन की सहायता से नियंत्रित किया जा सकता है।

5. कक्षा में टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल से छात्रों तक कोई भी ताजा जानकारी तुरंत पहुंच सकती है।

वह सभी किताबें और कोर्स मैटेरियल जो हमेशा अपडेटेड रहते हैं तो छात्रों की भी पढ़ाई में रुचि बनी रहती है। इसमें छात्रों के सुझाव भी सम्मिलित होते हैं। यह एक मिलजुल कर काम करने वाले वातावरण को बढ़ावा देता है। छात्र एक दूसरे से जानकारी को शेयर कर सकते हैं, ग्रुप में पढ़ाई और प्रोजेक्ट कर सकते हैं, और अपने टीचर से भी बात कर सकते हैं। शिक्षा में टेक्नोलॉजी के उपयोग से छात्रों की रुचि ऑनलाइन पढ़ाई के पहले, ऑनलाइन पढ़ाई के दौरान और कक्षाओं के बाद भी बनी रहती है।

6. हम सभी एक डिजिटल दुनिया में रहते हैं ऐसे में टेक्नोलॉजी का हुनर हमारे जीवन में बहुत जरूरी है।

वर्तमान समय में बच्चों को डिजिटली शिक्षित होना बहुत जरूरी है। प्रेजेंटेशन बनाना, इंटरनेट पर मौजूद जानकारी में क्या सही है और क्या गलत इसकी जानकारी लेना, सही चीजों से सीखना, उचित ऑनलाइन शिष्टाचार सीखना आदि महत्वपूर्ण कौशल है जो बच्चे ऑनलाइन क्लासेज में सीख सकते हैं। बच्चों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने के लिए ऑनलाइन क्लासेस में मोबाइल भी जरूरी है। बच्चों के अचीवमेंट्स और बेहतर होंगे अगर उनके पास ऐसे संसाधन होंगे जिनकी सहायता से वह क्लास के बाहर भी अपने प्रोजेक्ट पर काम कर सकते हैं।

शिक्षा में टेक्नोलॉजी के नुकसान:

1. कक्षा मै टेक्नोलॉजी ध्यान भटका सकती है।

ऐसे छात्र जिनका टेक्नोलॉजी के तरफ झुकाव ज्यादा है अधिक डिजिटल उपकरण होने से उनका ध्यान भटक सकता है। ऐसे में स्क्रीन पर पढ़ाते समय ध्यान लगाना कई बार बहुत मुश्किल हो सकता है। इसका समाधान यह है कि यदि बच्चों का ध्यान भटकने लगे तो उन्हें क्लास डिस्कशन के मौके दिए जाने चाहिए। ऐसी गतिविधियों को सिग्नेचर अटेंशन एक्टिविटीज (Signature Attention Activities) कहा जाता है। पढ़ाई से ध्यान भटकने की स्थिति में बच्चों को दूसरी गतिविधियों में जोड़ें। ऐसे प्रोजेक्ट और मौके पता करें जिनसे बच्चों का शिक्षा से जुड़ी टेक्नोलॉजी में ध्यान लगा रहे हैं।

2. टेक्नोलॉजी बच्चों को सामाजिक गतिविधियों से दूर कर सकती है।

टेक्नोलॉजी का अधिक उपयोग बच्चों में आपसी बातचीत कम कर देता है। वे अपना अधिक समय डिजिटल उपकरणों के साथ बिताने लगते हैं और अकेले रहने लगते हैं। इसीलिए बच्चों के लिए ऐसे असाइनमेंट तैयार करें जिनमें डिजिटल उपकरण और टेक्नोलॉजी के उपयोग के साथ-साथ बच्चे बात भी कर सकें। ग्रुप डिस्कशन (Group Discussion) और ओरल प्रेजेंटेशन (Oral Presentation) से सामाजिक रुप से ही बच्चे एक दूसरे से जुड़े रहेंगे। इस बात का भी ध्यान रखें कि बच्चों से जुड़ाव बनाये रखने के लिए कि आप और कौन-कौन सी गतिविधियां कर सकते हैं।

3. टेक्नोलॉजी का अधिक उपयोग पढ़ाई और परीक्षा के दौरान नकल को बढ़ावा दे सकता है।

वैसे तो बच्चे हमेशा ही नकल करने के कुछ ना कुछ तरीके ढूंढते रहते हैं। आज के इस डिजिटल युग में यह और भी आसान हो गया है, जैसे- किसी का किया हुआ होमवर्क कॉपी पेस्ट कर लेना, इंटरनेट से जानकारी निकाल लेना, किसी कंटेंट राइटर (Content Writer) या Essay Writer से अपना काम करवा लेना आदि। ऐसी स्थिति में टेक्नोलॉजी बच्चों के प्रोफेशनल डेवलपमेंट में परेशानी पैदा कर सकती है। COVID-19 के बाद बहुत सारे स्कूल कॉलेज ऐसे सॉफ्टवेयर का उपयोग कर रहे हैं जिनमें परीक्षाएं पूरे नियम व शर्तों के साथ और सुरक्षा के साथ हो सकती हैं।

4. सभी छात्रों के पास टेक्नोलॉजी और डिजिटल उपकरण उपलब्ध नहीं है।

शिक्षा ऐसी होनी चाहिए जिस तक सबकी पहुंच हो, पर ऑनलाइन शिक्षा के लिए बहुत से छात्रों के पास किताबें और आईपैड या लैपटॉप लेने की सुविधा भी नहीं है। ऐसे में जरूरी है कि स्कूल या कॉलेज उन्हें लाइब्रेरी को उपयोग करने की अनुमति दें। बच्चों को इस तरह के प्रोजेक्ट दें जिससे कि वह एक साथ मिलकर कुछ ही संसाधनों का उपयोग करके पढ़ाई कर सकते हैं। Open Educational Resources (OER) का उपयोग किया जा सकता है जोकि पुरानी शिक्षा प्रणाली का एक सस्ता और अच्छा विकल्प है।

5. छात्रों के द्वारा की गई रिसर्च की कोई विश्वसनीयता नहीं होती है।

इंटरनेट एक वरदान है और एक अभिशाप भी। ऐसे में बच्चों को जरूरत है कि वह इंटरनेट पर मौजूद जानकारी में सही और गलत की पहचान कर सकें। OER का उपयोग करके छात्रों की जरूरत के हिसाब से नोट्स, परीक्षाएं, असाइनमेंट, और किताबें का उपयोग कर सकते हैं।

6. टेक्नोलॉजी और डिजिटल उपकरणों से पढ़ाई कठिन और मेहनती हो सकती है।

Class मैं टेक्नोलॉजी का उपयोग कठिन हो सकता है हालांकि एक बार टेक्नोलॉजी का उपयोग हो जाने के बाद यह पढ़ाई छात्रों के लिए बहुत आसान हो सकती है।जब आप ऑनलाइन क्लास के लिए टेक्नोलॉजी और डिजिटल उपकरण को चुन रहे होते हैं तो इस बात का ध्यान रखें कि आपको हर समय सपोर्ट मिलता रहे और आपको उन उपकरणों की ट्रेनिंग भी दी जाए। सबसे जरूरी बात यह है कि आपको पता होना चाहिए कि शिक्षा में टेक्नोलॉजी टूल्स का उपयोग कैसे किया जाता है जिससे आप बेहतर तरीके से बच्चों को पढ़ा सकें।

निष्कर्ष:-

यह बात स्पष्ट है कि इसके फायदे इसके नुकसान से कहीं ज्यादा है। पर शिक्षा में उपयोग होने वाली टेक्नोलॉजी ऐसी होनी चाहिए जिससे छात्रों का व्यक्तिगत और सामाजिक रुप से पूर्ण विकास हो सके। बच्चों और शिक्षक के बीच समझदारी हो तभी अच्छी पढ़ाई हो सकती है। आज के इस आधुनिक युग में टेक्नोलॉजी के सही उपयोग की शिक्षा को बढ़ावा दे सकता है।

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